Class 11 History Chapter 10 मूल निवासियों का विस्थापन Notes In Hindi

11 Class History Chapter 10 मूल निवासियों का विस्थापन Notes In Hindi Displacing Indigenous Peoples

BoardCBSE Board, UP Board, JAC Board, Bihar Board, HBSE Board, UBSE Board, PSEB Board, RBSE Board
TextbookNCERT
ClassClass 11
SubjectHistory
Chapter Chapter 10
Chapter Nameमूल निवासियों का विस्थापन
Displacing Indigenous Peoples 
CategoryClass 11 History Notes in Hindi
MediumHindi

Class 11 History Chapter 10 मूल निवासियों का विस्थापन Notes In Hindi जिसमे हम उपनिवेशिक विस्तार , गोल्ड रश  , वेमपुम बेल्ट , स्पेनी और पुर्तगालियों का प्रवास आदि के बारे में पड़ेंगे ।

Class 11 History Chapter 10 मूल निवासियों का विस्थापन Displacing Indigenous Peoples Notes In Hindi

📚 अध्याय = 10 📚
💠 मूल निवासियों का विस्थापन 💠

❇️ उपनिवेशिक विस्तार :-

🔹 सत्रहवीं सदी के बाद स्पेन और पुर्तगाल के अमरीकी साम्राज्य का विस्तार नहीं हुआ । फ्रांस , हालैण्ड और इंग्लैण्ड जैसे दूसरे देशों ने अपनी व्यापारिक गतिविधियों का विस्तार करना और अमरीका , अफ्रीका तथा एशिया में अपने उपनिवेश बसाना शुरू कर दिया ।

❇️ स्पेनी और पुर्तगालियों का प्रवास :-

🔹 स्पेनी और पुर्तगाली लोग 18वीं सदी में अमरीका के और भी हिस्सों में , तथा मध्य , उत्तरी अमरीका , दक्षिणी अफ्रीका , ऑस्ट्रेलिया तथा न्यूजीलैंड के इलाकों में यूरोप से आए आप्रवासी बसने लगे । इस प्रक्रिया ने वहाँ के बहुत से मूल निवासियों को दूसरे इलाकों में जाने पर मजबूर किया ।

❇️ कॉलोनी :-

🔹 17 वीं सदी में यूरोपीय लोग दुसरे महादेशों में अपना प्रवास स्थापित किया । यूरोपीय लोगों की ऐसी बस्तियों को ‘ कॉलोनी ‘ ( उपनिवेश ) कहा जाता था ।

❇️ उपनिवेशों को देश का दर्जा :-

🔹 जब यूरोप से आए इन उपनिवेशों के बाशिंदे यूरोपीय ‘ मातृदेश ‘ से स्वतंत्र हो गए , तो उन्हें राज्य ‘ या देश का दर्जा हासिल हो गया ।

❇️ सेटलर : ( आबादकार ) :-

🔹 दक्षिण अफ्रीका में डच के लिए , आयरलैण्ड , न्यूजीलैण्ड और आस्ट्रेलिया में ब्रिटिश के लिए तथा अमरीका में यूरोपीय लोगों के लिए प्रयोग होता है ।

❇️ नेटिव :-

🔹 ऐसा व्यक्ति जो अपने मौजूदा निवास स्थान में ही पैदा हुआ था । बीसवीं सदी के आरंभिक वर्षों तक यह पद यूरोपीय लोगों द्वारा अपने उपनिवेशों के बाशिंदे के लिए प्रयोग होता था ।

❇️ वेमपुम बेल्ट :-

🔹 रंगीन सीपियों को आपस में सिलकर बनाई जाने वाली बेल्ट है । इसे किसी समझौते के बाद स्थानीय कबीलों के बीच आदान – प्रदान किया जाता है ।

❇️ अठारहवीं सदी में पश्चिमी यूरोप के लोग सभ्य मनुष्य की पहचान :-

🔹 साक्षरता , संगठित धर्म और शहरीपन के आधार पर करते थे । भाषाएँ – उत्तरी अमरीका में अनेक भाषाएँ बोली जाती थी परन्तु वह लिखी नहीं जाती थी ।

❇️ गोल्ड रश और उद्योगों की वृद्धि :-

🔹 1840 में कैलीफोर्निया में सोने के चिन्ह मिले तथा गोल्ड रश का प्रारंभ , रेलवे लाइनों का निर्माण , औद्योगिक नगरों का विकास , कारखानों की संख्या में वृद्धि हुई ।

❇️ एबोरिजिनीज :-

🔹 ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप के शुरूआती मनुष्य या आदिमानव को एबोरिजिनीज कहा जाता था ।

❇️ औपनिवेशिक :-

🔹 दूसरे देश को नियंत्रित करने वाले देश से संबंधित ।

❇️ ओरल हिस्ट्री :-

🔹 इतिहास लिखने के लिए या दूसरों को निर्देशित करने के लिए ताकि इसे रिकॉर्ड किया जा सके ।

❇️ सब्सिडी अर्थव्यवस्था :-

🔹 इसका मतलब है कि उनकी बुनियादी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए जितना आवश्यक हो उतना उत्पादन करना ।

❇️ बहुसंस्कृतिवाद :-

🔹 एक नीति जो मूल यूरोपीय और एशियाई प्रवासियों की संस्कृतियों के लिए समानता के उपचार का अर्थ है ।

❇️ टेरा नूलियस :-

🔹 एक नीति जिसका अर्थ है किसी दिए गए भूमि पर किसी के अधिकार को मान्यता देना ।

❇️ कैनबरा :-

🔹 1911 में आस्ट्रेलिया की राजधानी ‘ वूलव्हीटगोल्ड ‘ ( Woolwheat gold ) बनाने का सुझाव दिया गया । अंततः उसका नाम ‘ कैनबरा ‘ रखा गया जो एक स्थानीय शब्द कैमबरा ( Kamberra ) से बना है जिसका अर्थ है ‘ सभा स्थल ‘ ।

❇️ गोल्ड रश :-

🔹 1840 में संयुक्त राज्य अमरीका के कैलिफोर्निया में सोने के कुछ चिन्ह मिले । इसने ‘ गोल्ड रश के जन्म दिया । यह उस आपाधापी का नाम है , जिसमें हजारों की संख्या में आतुर यूरोपीय लोग चुटकियों में अपनी तकदीर सँवार लेने की उम्मीद में अमरीका पहुँचे ।

❇️ गोल्ड रश के कारण अमरीका में हुई औद्योगिक में वृद्धि :-

🔹 गोल्ड रश के कारण पूरे अमरीका महाद्वीप में रेलवे लाइनों का निर्माण हुआ । हजारों की संख्या में चीनी श्रमिकों की नियुक्ति हुई ।

🔹 रेलवे के साज – समान बनाने के उद्योग विकसित हुए । बड़े पैमाने पर कृषि करने वाले यन्त्रों का उत्पादन प्रारम्भ हुआ ।

🔹 संयुक्त राज्य अमरीका और कनाडा में औद्योगिक नगरों का विकास हुआ ।

❇️ संयुक्त राज्य अमरीका के मूल बाशिंदो को उनकी जमीन से बेदखल करना :-

🔹 ब्रिटेन और फ्राँस से आए कुछ प्रवासी ऐसे थे , जो छोटे बेटे होने के कारण पिता की सम्पत्ति के उत्तराधिकारी नहीं बन सकते थे , वे अमरीका में मालिक बनना चाहते थे ।

🔹  कैथलिक प्रभुत्व के देशों में रहने वाले प्रोटेस्टेंट एवं प्रोटेस्टेंटवाद समर्थक देशों के कैथलिक अनुयायियों ने यूरोप छोड़ दिया और एक नई जिन्दगी शुरु करने के लिए अमेरिका में आकर वस गए ।

🔹  ऐसी फसलें उगाकर , जो यूरोप में नहीं उगाई जाती थी , मुनाफा कमाना चाहते थे ।

🔹  मूल बाशिंदों को बेदखल करना गलत नहीं मानते थे , क्योंकि उनके अनुसार मूल बाशिंदे जमीन का उपयोग करना नहीं जानते ।

❇️ बेदखल करने के तरीके :-

🔹 धोखाधड़ी से ज्यादा जमीन ले ली ।

🔹 पैसा देने में वायदा खिलाफी की ।

🔹 जमीन बिक्री समझौते पर दस्तखत कराने के बाद , मूल बाशिंदों को हटने के लिए बाध्य किया ।

🔹  चिरोकी कबीलों को खदेड़ने के लिए अमरीकी फौज का उपयोग किया गया ।

🔹  जमीन के अन्दर सीसा , सोना या खनिज होने का पता चलने पर मूल बाशिंदो को उनकी स्थायी जमीन से भी धकेल दिया जाता था ।

❇️ सन् 1970 के दशक में आई बदलाव की लहरों के कारण आस्ट्रेलिया के मूल निवासियों के जीवन पर प्रभाव :-

🔹 आस्ट्रेलिया के मूल निवासियों को नए रूप में समझने की चाहत जगी ।

🔹 मूल निवासियों को विशिष्ट संस्कृतियों वाले समुदाय के रूप में देखा गया ।

🔹 प्रकृति और जलवायु को समझने की उनकी विशिष्ट पद्धतियों को पहचाना गया ।

🔹 मूल निवासियों की धरोहर जैसे कथायें , कपड़ा साजी , चित्रकारी और हस्तशिल्प को सराहा गया ।

🔹 उनकी संस्कृति का अध्ययन करने के लिए विश्वविद्यालयी विभाग खोले गये , संग्रहालय में उनकी कलाकृतियों को जगह दी गई ।

🔹 मूल निवासियों ने अपना इतिहास लिखना शुरू किया । मूल निवासियों की संस्कृति को आदर दिया गया ।

🔹 मूल निवासियों का अपनी जमीन के साथ संबंध आदर से देखा जाने लगा ।

Legal Notice
 This is copyrighted content of INNOVATIVE GYAN and meant for Students and individual use only. Mass distribution in any format is strictly prohibited. We are serving Legal Notices and asking for compensation to App, Website, Video, Google Drive, YouTube, Facebook, Telegram Channels etc distributing this content without our permission. If you find similar content anywhere else, mail us at contact@innovativegyan.com. We will take strict legal action against them.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular